[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मुख्य समाचार | News 4 India - Part 2

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बच्‍चों से दुष्‍कर्म के दोषियों को फांसी के लिए आज आ सकता है अध्‍यादेश

बच्‍चों से दुष्‍कर्म के दोषियों को फांसी के लिए आज आ सकता है अध्‍यादेश

मुख्य समाचार, राष्ट्रीय खबर
नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। 12 साल तक की उम्र तक के बच्‍चों से दुष्‍कर्म के दोषियों को मौत की सजा का प्रावधान करने के लिए अध्‍यादेश 21 अप्रैल को कैबिनेट के सामने विचार और मंजूरी के लिए आ सकता है। इसे तैयार कर लिया गया है। कठुआ, उन्‍नाव में दुष्‍कर्म की घटनाओं को लेकर देश और दुनिया में हुई नाराजगी भरी प्रतिक्रिया के बाद सरकार पॉक्‍सो एक्‍ट में संशोधन करने पर विचार कर रही है। कानून मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार मसले के समाधान के लिए अध्‍यादेश इस समय सही तरीका है संशोधन विधेयक को जुलाई में संसद के मानसून सत्र तक इंतजार करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद कैबिनेट की बैठक लेंगे। प्रस्‍तावित बदलाव के अनुसार, अब कोई भी नाबालिग के साथ दुष्‍कर्म करता है तो उसे फांसी की सजा दी जा सकती है। अभी पॉक्‍सो में अधिकतम ताउम्र कैद और कम से कम सात साल कैद की सजा
पहली लाइन-यह दिन न देखना पड़ता तो अच्‍छा था

पहली लाइन-यह दिन न देखना पड़ता तो अच्‍छा था

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नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। सीबीआई जज लोया की मौत मामले की जांच की अर्जी खारिज होने के अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्‍ताव सामने आ गया। कांग्रेस की अगुवाई में 7 दलों ने 20 अप्रैल को उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू से मिलकर चीफ जस्टिस को हटाने का प्रस्‍ताव सौंप दिया। 8 पेज के प्रस्‍ताव की पहली लाइन ही लिखी-यह दिन न देखना पड़ता तो अच्‍छा था। फिर चीफ जस्टिस पांच आरोप लगाए और महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। प्रस्‍ताव पर राज्‍यसभा के 71 सांसदों के हस्‍ताक्षर हैं इनमें से 7 सांसद पिछले दिनों रिटायर हो चुके हैं यानी कुल 64 हस्‍ताक्षर मान्‍य होंगे। जरूरत 50 सांसदों की थी। नोट्स पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता चिदंबरम के हस्‍ताक्षर नहीं होने पर गहमागहमी रही। बाद में कांग्रेस ने सफाई दी कि चिदंबरम से जुड़े कुछ मामले सुप
NRI पतियों के लिए जारी होगा सर्कुलर

NRI पतियों के लिए जारी होगा सर्कुलर

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नई दिल्ली। पत्नियों को सताने वाले प्रवासी भारतीयों (एनआरआइ) पतियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी पूरी हो गई है। महिला बाल विकास मंत्रालय ऐसे पांच मामलों में लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करेगा। यानी पत्नियों को धोखा देने वाले एनआरआइ पति भारत में कदम रखते ही पकड़े जाएंगे। मंगलवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में इंटीग्र्रेटेड नोडल एजेंसी (आइएनए) की तीसरी बैठक हुई। इस बैठक में धोखेबाज एनआरआइ पतियों के मामले में आयी शिकायतों पर विचार हुआ। वैवाहिक विवाद के ऐसे पांच मामलों में लुक आउट सकुर्लर जारी करने का फैसला लिया गया। ऐसे मामलों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अपनाया जाएगा जिसमें जिम्मेदार अथारिटी की जिम्मेदारी होगी कि वह समयसीमा तय करे और मामले में हुई प्रगति के बारे में पीड़ित महिला को सूचित करे। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि स्टैंडर्ड आपर
आइपीएस अफसरों की भर्ती न करने का फैसला सहीः सुप्रीम कोर्ट

आइपीएस अफसरों की भर्ती न करने का फैसला सहीः सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एलसीई (लिमिटेड कंपटीटिव एग्जामिनेशन) से आइपीएस अफसरों की भर्ती न करने का केंद्र का फैसला सही है। जस्टिस एमबी लोकुर, कुरियन जोसफ व दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि अगर केंद्र इस प्रक्रिया को जारी रखता है तो अदालतों में बहुत सारे मुकदमे आने शुरू हो जाएंगे, क्योंकि 2013 से 2018 के बीच आइपीएस बने अफसर उनसे वरिष्ठता मांगेंगे जो 2018 में एलसीई के माध्यम से आइपीएस बनेंगे। गौरतलब है कि एलसीई राज्य पुलिस बल व केंद्रीय पुलिस बलों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। वहां के अफसरों को प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद आइपीएस पदोन्नत करने का प्रावधान एलसीई में किया गया है। अदालत ने यह भी माना कि राज्य व केंद्रीय पुलिस बलों के अफसरों के लगातार आइपीएस बनते रहने से इनमें अफसरों की कमी हो जाएगी। अदालत ने केंद्र के फैसले को इस आधार पर भी सही माना कि जब आइपीएस अफसर क
पढ़ें भारत में नौकरी करें ब्रिटेन में

पढ़ें भारत में नौकरी करें ब्रिटेन में

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नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। ब्रिटेन में पढ़ाई करने जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक अच्‍छी खबर है। ब्रिटेन ने भारत के सामने पेशकश की है कि दोनों देश अपने छात्रों की डिग्रियों को मान्‍यता देने का समझौता कर लें। यानी ब्रिटेन के बीए को भारत में बीए माना जाए और भारत के पोस्‍ट ग्रेजुएट को ब्रिटेन में भी बराबर मान्‍यता मिल जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्‍ताह कॉमनवैल्‍थ के शासन प्रमुखों की शिखर बैठक-चोगम 2018 में हिस्‍सा लेने के लिए लंदन जाने वाले हैं वे एक दिन पहले लंदन पहुंच जाएंगे। यह दिन उनकी ब्रिटेन की द्विपक्षीय यात्रा के लिए है वे ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के साथ भी बैठक करेंगे। इस दौरान अगर यह समझौता हो जाता है तो 14 हजार भारतीय छात्रों को हर साल इससे लाभ होगा। फिलहाल भारतीय छात्र ब्रिटेन से मास्‍टर डिग्री लेकर लौटते हैं तो वे भारत में पीएचडी के लिए योग्‍य नहीं होते, क्‍योंकि
मोदी पर गंदी बात

मोदी पर गंदी बात

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नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। लोकसभा चुनाव में बनारस सीट पर हुए चुनावी महासमर पर बनी डाक्‍यूमेंट्री फिल्‍म बैटल फॉर बनारस आखिरकार हाईकोर्ट के फैसले के बाद फिल्‍म सर्टिफिकेशन अपीलेट ट्रिब्‍यूनल से पास हो गई है फिल्‍म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में की गई अपमानजनक टिप्‍पणियों को ट्रिब्‍यूनल ने यह कहते हुए पास कर दिया कि उन्‍हें देश के दर्शकों के तजुर्बे और विवेक पर पूरा भरोसा है। फिल्‍म बनने की शुरूआत 2014 में हुई थी और अगस्‍त 2015 में यह बनकर तैयार हो गई। 44 दिनों तक बनारस के चुनाव अभियान के भाषणों और प्रचारों को रिकॉर्ड किया गया। फिर बैटल फॉर बनारस लंबी लड़ाई से गुजरी। सेंसर बोर्ड ने अक्‍टूबर 2015 में इसे खारिज कर दिया। बोर्ड का कहना था कि उम्‍मीदवार चुनाव के दौरान ऐसी-ऐसी बातें कहते हैं कि जो बेहत आपत्तिजनक होती हैं सेंसर बोर्ड के फैस
दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार से होंगे सम्‍मानित

दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार से होंगे सम्‍मानित

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नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। 65वें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कारों की 13 अप्रैल को घोषणा कर दी गई। 2017 के लिए घोषित पुरस्‍कार में बॉलीवुड की फिल्‍मों में उल्‍लेखनीय योगदान देने के लिए दिवंगत अभिनेता विनोद खन्‍ना को दादा साहब फाल्‍के सम्‍मान दिया गया है। दिवंगत अभिनेत्री श्री देवी को ‘मॉम’ के लिए बेस्‍ट एक्‍ट्रेस का राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिला है। रीमा दास की असमी फिल्‍म ‘विलेज रॉकस्‍टार्स’  को बेस्‍ट फीचर फिल्‍म, बंगाली फिल्‍म ‘नगरकीर्तन’के लिए रिद्धी सेन को सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता का राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिला है। सभी विजेताओं को 3 मई को राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार देंगे। बोनी बोले- काश श्रीदेवी आज यहां होतीं श्रीदेवी के नाम का ऐलान करते हुए फीचर फिल्‍म के जूरी प्रमुख शेखर कपूर ने कहा कि वह इस पुरस्‍कार के लिए सबसे उपयुक्‍त अभिनेत्री हैं 50 साल तक फिल्‍म इं
एससी-एसटी एक्‍ट, गर्मायी राजनीति

एससी-एसटी एक्‍ट, गर्मायी राजनीति

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  नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार दलितों को अत्‍याचार और उत्‍पीड़न से बचाने वाले एससी-एसटी एक्‍ट को कमजोर नहीं होने देगी। मोदी ने कहा मैं देश को यह आश्‍वस्‍त करना चाहता हूं कि जिस कानून को हमने ही सख्‍त किया है उसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने देंगे। मोदी ने कहा कि कांग्रेस जब भी चुनाव आते हैं तो आरक्षण खत्‍म करने की बात कहकर दलितों को हमारे खिलाफ भड़काती है कांग्रेस और कांग्रेस के आगे समर्पण करने वाले दलों के झांसे में न आएं। मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ही हमारी सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी यहां डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल मेमोरियल के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा, इस सरकार में कानून के माध्‍यम से सामाजिक संतुलन स्‍थापित किया है।
महंगा सफर पर रहेगा मजेदार

महंगा सफर पर रहेगा मजेदार

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नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली देश की पहली बुलेट ट्रेन के यात्रियों को ढाई सौ से तीन हजार रूपए तक का किराया देना होगा। यह ट्रेन रोजाना 70 फेरे लगाएगी। इसके लिए रैक का प्रयोग होगा। ज्‍यादा फेरों का मकसद बुलेट ट्रेन को घाटे से बचाना है। बुलेट ट्रेन का निर्माण इस साल दिसंबर से शुरू होकर 2022 के अंत तक समाप्‍त होने की उम्‍मीद है यह जानकारी नेशनल हाईस्‍पीड रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने दी। उन्‍होंने  बताया कि अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया दो हिस्‍सों में बांटने का निर्णय लिया गया है एक अहमदाबाद से मुंबई के पहले बाहरी स्‍टेशन तक और दूसर मुंबई के बाहरी स्‍टेशन से अंतिम भीतरी स्‍टेशन तक। पहला पैकेज 3000 रूपये का होगा, जबकि भीतरी पैकेज की कीमत केवल 250 रूपए होगी। इसमें मुंबई और आसपास के सात स्‍टेशन कवर होंगे।
जिसको चाहें उसको दें उनकी मर्जी

जिसको चाहें उसको दें उनकी मर्जी

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नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। जजों के बीच मुकद्मों के आवंटन संबंधी चीफ जस्टिस की शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 13 अप्रैल को सुनवाई शुरू कर दी। जस्टिस एके सिकरी और अशोक भूषण की बेंच ने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए खुद संविधान ने सीजेआई को यह शक्ति दी हैं। इस पर याचिकाकर्ता शांति भूषण की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट दुष्‍यंत दवे ने कहा, 14 मामलों में चीफ जस्टिस के इस अधिकार का इस्‍तेमाल कई गंभीर सवाल खड़े करता है दवे ने कहा कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्‍थाना की सीबीआई के अतिरिक्‍त निदेशक के तौर पर नियुक्ति से जुड़ा केस पहले जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए आया था बाद में बेंच का हिस्‍सा रहे जस्टिस नवीन सिन्‍हा सुनवाई से हट गए। नियमानुसार यह मामला जस्टिस गोगोई की बेंच के समक्ष ही लिस्‍ट करना चाहिए था। लेकिन इसे कोर्ट नंबर आठ में भेजा गया।