[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: छत्तीसगढ़ | News 4 India - Part 3

छत्तीसगढ़

हर कोई चाहेगा ऐसी नौकरी, इस्तीफे के दो साल बाद भी मिल रहा वेतन

हर कोई चाहेगा ऐसी नौकरी, इस्तीफे के दो साल बाद भी मिल रहा वेतन

छत्तीसगढ़
हर कोई चाहेगा ऐसी नौकरी, इस्तीफे के दो साल बाद भी मिल रहा वेतन महासमुंद न्‍यूज 4 इंडिया। महासमुंद विकासखंड का शिक्षा विभाग अपने कारनामों के लिए जिले ही नहीं अपितु प्रदेश में कुख्यात है। कभी वेतन के एवज में शिक्षाकर्मियों से बीईओ द्वारा 500-500 रुपए की मांगने की शिकायत सामने आती है, तो कभी कार्यालय में तंत्र-मंत्र कराने की घटनाएं सुनने में आ चुकी है। अब एक नया मामला सामने आया है जिसमें ब्लॉक शिक्षा विभाग के अमले ने 15 अप्रैल 2015 को नौकरी से त्यागपत्र दे चुके सहायक शिक्षक पंचायत के खाते में जनवरी 2017 तक वेतन जमा कराया है। मामला महासमुंद विकासखंड छिलपावन संकुल के शासकीय प्राथमिक शाला बावनकेरा का है। यहां सहायक शिक्षक पंचायत धनंजय निर्मलकर पदस्थ था। जो अब पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक है। धनंजय ने 15 अप्रैल 2015 को शिक्षकीय नौकरी से इस्तीफा दिया। इस्तीफे के बाद से प्रधानपाठक ने वे
एटीएम से रकम तभी निकलेगी जब लिंक होगा आधार नंबर

एटीएम से रकम तभी निकलेगी जब लिंक होगा आधार नंबर

छत्तीसगढ़
एटीएम से रकम तभी निकलेगी जब लिंक होगा आधार नंबर रायपुर न्‍यूज 4 इंडिया। बैंक खातों को हर हाल में आधार से लिंक करना होगा। रिजर्व बैंक के निर्देश पर बैंकों ने इस पर अमल शुरू कर दिया है। इसके लिए नया तरीका इजाद किया गया है। अब रकम निकालने से पहले एटीएम, ग्राहकों का आधार नंबर पूछ रहा है। कुछ बैंकों ने यह व्यवस्था शुरू भी कर दी है। बता दें कि सभी उपभोक्ताओं को 31 दिसंबर तक अपने खातों को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा। नहीं कराने की स्थिति में उपभोक्ताओं के खाते बंद हो जाएंगे और पैसों का लेनदेन नहीं हो सकेगा। सूत्रों के अनुसार पीएनबी के कुछ एटीएम में आधार नंबर के साथ थंब इम्प्रेशन मांगा जा रहा है। एसबीआई के कुछ एटीएम में सीधे आधार वेरिफिकेशन मांगा जा रहा है। जैसे ही उपभोक्ता रुपए निकालने के लिए कार्ड डालता है, मशीन उससे पूछती है कि आपका आधा नंबर खाते से लिंक हुआ है? अगर हो गया है तो 1
बिना आधार कार्ड जेल में बंदियों से नहीं मिल पाएंगे परिजन

बिना आधार कार्ड जेल में बंदियों से नहीं मिल पाएंगे परिजन

छत्तीसगढ़
रायपुर  न्यूज 4 इंडिया   बिना आधार कार्ड जेल में बंदियों से नहीं मिल पाएंगे परिजन रायपुर सेंट्रल जेल समेत प्रदेश के सभी कारागारों में बिना आधार कार्ड अब कोई भी बंदियों से नहीं मिल पायेगा। जेल मुख्यालय ने यह निर्देश शुक्रवार को सभी जेल अधीक्षकों को जारी किया है। डीआईजी जेल केके गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से जेल मुख्यालय एवं सुधारात्मक सेवाएं ने यह फैसला लिया है कि 1 सितम्बर से प्रदेश के सभी जेलों में निरूद्घ बंदियों से मुलाकात करने के लिए उनके परिजनों को आधार कार्ड दिखाना होगा। बिना आधार कार्ड के किसी को भी बंदी से मुलाकात नहीं कराने के सख्त निर्देश जेल अधीक्षकों को जारी किए गए है। जेल में बंदियों से मिलने के लिए परिजनों को आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। आधार कार्ड दिखाने के बाद उसका सत्यापन कराया जाएगाए उसके बाद ही संबंधित बंदी से मुलाकात कराई जाएगी।
कैंसर को दे चुकी हैं मात, अब ओलिंपिक में गोल्ड जीतने की चाहत

कैंसर को दे चुकी हैं मात, अब ओलिंपिक में गोल्ड जीतने की चाहत

छत्तीसगढ़
कैंसर को दे चुकी हैं मात, अब ओलिंपिक में गोल्ड जीतने की चाहत रायपुर न्यूज 4 इंडिया  राजधानी की ये लड़की बहादुरी में किसी लड़के से कम नहीं है। मैदान में ही नहींए बल्कि कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को मात देकर फिर से रेसलिंग के लिए तैयार हैं। यह कहानी है प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाली भारती की है। जिस तरह से भारत के क्रिकेटर युवराज सिंह ने कैंसर से जंग जीतकर मैदान में उतरे उसी तरह दो वर्ष बाद कैंसर को मात देकर भारती भी रेसलिंग के मैदान में उतरी हैं। भारती को महज 15 वर्ष की उम्र में ब्रेन कैंसर हो गया था। अब वे बड़े.बड़े खिलाड़ियों को हराने के लिए तैयार हैं। भारती स्कूल गेम्स रेसलिंग में स्टेट लेवल में दूसरे स्थान पर रही हैं। पहले स्थान में नहीं आ पाने की वजह से उन्हें नेशनल गेम्स में खेलने का मौका नहीं मिला था। अब भारती की इच्छा है कि पहले नेशनल गेम्स और उसके बाद भारत के लिए
5 डी एस पी सहित 42 पुलिसवालो को नोकरी से हटाया

5 डी एस पी सहित 42 पुलिसवालो को नोकरी से हटाया

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ पुलिस के 5 DSP समय 42 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी 3 माह का वेतन और पेंशन सर्टिफिकेट के साथ नौकरी से हटा दिया जाएगा खराब CR और ठीक ढंग से काम काज नहीं करने की वजह से इन्हें नौकरी से हटाया जा रहा है छत्तीसगढ़ में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस की 5000 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों की सर्विस रिकॉर्ड की जांच की गई है इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।  
स्कूल प्रबंधन को भी आती है शर्म

स्कूल प्रबंधन को भी आती है शर्म

छत्तीसगढ़
स्कूल का ऐसा नाम कि बच्चे भी कहते हैं- मास्टर जी, नाम बदल दीजिए, बताने में भी आती है शर्म स्कूल का ऐसा नाम कि बच्चे भी कहते हैं- मास्टर जी, नाम बदल दीजिए, बताने में भी आती है शर्म बिलासपुर: छत्तीतगढ़ में एक ऐसा स्कूल है जिसका नाम बताने में भी वहां के बच्चे शर्माते हैं. उस स्कूल का नाम है अस्वच्छ धंधा. बच्चे यहां पढ़ने और पढ़कर निकले बच्चे भी दूसरों को बताने में शर्म महससू करते हैं. इस पर स्कूल मैनेजमेंट यह बात कहककर मुंह मोड़ लेता है कि यह एक सरकारी स्कूल है. सरकार और वहां के अफसरों के गलती की वजह से ऐसा 15 साल से जारी है. चांटीडीह क्षेत्र में अस्वच्छ धंधा नाम के इस स्कूल के नाम को बदलने की कोशिश हर साल होती है, पर केंद्र से आदिवासी विकास विभाग को इसी नाम पर होने वाली फंडिंग की वजह से फिर से सब वहीं अटक जाता है. इस साल फिर से अधिकारियों से नाम बदलने की मांग की गई है. इस स्कूल में प
ये मंत्री तो पिछले 9 सालों से नहीं लगा रहे अपने वाहन पर लाल बत्ती

ये मंत्री तो पिछले 9 सालों से नहीं लगा रहे अपने वाहन पर लाल बत्ती

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह अपने वाहन पर नहीं लगाते लाल बत्ती रायपुर( छत्तीसगढ़)// केंद्रीय मंत्रिमंडल के देश में अति विशिष्ट संस्कृति को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री समेत सभी विशिष्ट लोगों के वाहनों पर लाल बत्ती हटाने के निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत करने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह अपने वाहन पर पिछले 9 वर्षों से लाल बत्ती नहीं लगा रहे हैं छत्तीसगढ़ में 2004 से चुनाव में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री का पिछले लगभग साढे 13 वर्षों से दायित्व संभाल रहे हैं डॉक्टर रमन ने वर्ष 2008 से अपने वहां से लाल बत्ती हटवा दिया था.
सी एम ने की सी एम की तारीफ

सी एम ने की सी एम की तारीफ

छत्तीसगढ़
रायपुर। एक दिवसीय दौरे पर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार शाम रायपुर स्थित अपने निवास में गर्मजोशी के साथ आत्मीय स्वागत किया। परस्पर सौजन्य भेंट और दोनों राज्यों की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को शुभकामनाओं सहित स्मृति चिन्ह भेंट किया। डॉ. सिंह से मुलाकात के दौरान नीतीश ने छत्तीसगढ़ सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. सिंह से कहा - आपका पीडीएस सबसे अच्छा चल रहा है और यह देश की सर्वाधिक पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली है। बिहार के मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी तारीफ की। इस मौके पर बिहार के शिक्षामंत्री अशोक चौधरी भी उपस्थित थे।
59 साल की उम्र में की पीएचडी, 34 साल पुराने सपने को किया साकार

59 साल की उम्र में की पीएचडी, 34 साल पुराने सपने को किया साकार

छत्तीसगढ़, शिक्षा रोजगार
59 साल की उम्र में की पीएचडी, 34 साल पुराने सपने को किया साकार रायपुर, । उम्र के जिस पड़ाव में व्यक्तिगत अरमान कम होने लगते हैं, लोग अपने बेटे, पोते की अच्छी पढ़ाई के लिए चिंतित रहते हैं, उस पड़ाव में भिलाई इस्पात प्लांट में कार्यरत श्रीराम देवांगन ने 59 साल की उम्र में पीएचडी पूरी की। दिनभर प्लांट में काम करते और रात में लैम्प के सहारे अपनी थिसिस लिखते थे। समय बचाकर कॉलेज जाकर गाइड लेते और करीब पांच साल में पीएचडी पूरी की। श्रीराम देवांगन कहते हैं कि परिवार में अभी तक किसी ने पीएचडी नहीं की थी। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है, इसलिए 34 साल के पुराने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई की। श्रीराम देवांगन कहते हैं कि उनको नौकरी भी नहीं मिलेगी। न ही वे किसी कॉलेज में पढ़ा सकते हैं, लेकिन उनके भीतर पढ़ने की जो जिज्ञासा थी, उसे पूरा करने के लिए काम के साथ पढ़ाई पूरी की। देवांगन ने तुलाराम कॉलेज
बस्तर के शिवा जुड़ेंगे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से

बस्तर के शिवा जुड़ेंगे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से

छत्तीसगढ़
बस्तर के शिवा जुड़ेंगे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से जगदलपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भविष्य के अभियानों में बस्तर के युवा शिवा अग्रवाल की भूमिका भी होगी। वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिन अंतरिक्ष विभाग के द्वारा आयोजित अखिल भारतीय परीक्षा में चयनित हुए हैं। इस परीक्षा में देश भर के लगभग 40 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। साक्षात्कार के बाद जो परिणाम घोषित किया गया है उसमें शिवा अग्रवाल ने 27वां स्थान हासिल किया है। प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे शिवा की शुरुआती शिक्षा शहर में हुई है। दुर्ग से बीई करने के प्रश्चात वे वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में एमटेक कर रहे हैं।