[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मध्य प्रदेश | News 4 India - Part 4

मध्य प्रदेश

यहां से डाउनलोड करें पटवारी परीक्षा का एडमिट कार्ड तुरंत

यहां से डाउनलोड करें पटवारी परीक्षा का एडमिट कार्ड तुरंत

मध्य प्रदेश
भोपाल //मध्यप्रदेश शासन व्यापमं के जरिए होने वाली पटवारी चयन परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिएहैं कैंडिडेट अपने एडमिट कार्ड यहां से डाउनलोड कर सकते हैं साथ में अन्य विवरण भी जिसमें कि परीक्षा केंद्र, परीक्षा का समय ,स्थान आदि विवरण भी नहीं प्राप्त हो जाएगा ।आप अपना एडमिट कार्ड नीचे लिखे लिंक से डाउनलोड करें । पटवारी एडमिट कार्ड released check out on vyapam.nic.in
जमानत नहीं

जमानत नहीं

मध्य प्रदेश
जबलपुर न्‍यूज 4 इंडिया। व्‍यापमं घोटाले में आरोपी पीपुल्‍स मेडिकल कॉलेज के पूर्व चयन समिति सदस्‍य डॉ. पिऊ डिओ महंत की अग्रिम जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस हेमंत गुप्‍ता व जस्टिस विजय कुमार शुक्‍ला की युगलपीठ ने माना है कि आरोपी डॉ. महंत के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, इसलिये उन्‍हें अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। न्‍यायालय ने उन्‍हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्‍मसमर्पण कर स्‍थायी जमानत के लिए आवेदन पेश करने के लिए निर्देश दिए हैं। व्‍यापमं घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने वर्ष 2012 में पीपुल्‍स मेडिकल कॉलेज में फर्जी तरीके से छात्रों को दाखिला देने तथा डीएमई को रिक्‍त सीटों के संबंध में गलत जानकारी के आधार पर डॉ. महंत को आरोपी बनाया गया था।
राष्‍ट्रपति की अनुमति के बाद लागू होगा कानून

राष्‍ट्रपति की अनुमति के बाद लागू होगा कानून

मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार, राष्ट्रीय खबर
भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। विधानसभा में 30 नवंबर को विधि मंत्री रामपाल सिंह ने दुष्‍कर्म पर मृत्‍यु दंड के प्रावधान वाले बहुचर्चित दण्‍ड विधि मप्र संशोधन विधेयक को पेश कर दिया। सदन में चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा। राज्‍यपाल इसका परीक्षण करने के बाद बिल की अंतिम स्‍वीकृति के लिए राष्‍ट्रपति के पास भेजेंगे। राष्‍ट्रपति केंद्र सरकार के परामर्श से इसकी स्‍वीकृति तय करेंगे। पूरी प्रक्रिया में लगभग एक वर्ष का सामान्‍य तौर पर समय लग सकता है। विधेयक में भादंसं की तीन धारा 1 भारतीय दंड संहिता की धारा 354-क को समाप्‍त किया गया है। 2 धारा 354-ख में संशोधन। निर्वस्‍त्र करने से आशय से स्‍त्री पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने पर प्रथम दोष सिद्धि पर कम से कम 3 वर्ष जेल, किन्‍तु जो 7 वर्ष तक हो सकेगा व जुर्माना लगेगा। द्वितीय या पश्‍चातवर्ती दोष सिद्धि पर 7 वर्ष कठोर जेल, किन्‍तु जो 10 वर्
स्‍कूल चले अभियान की खुली पोल 6 साल में 42.86 लाख बच्‍चों ने छोड़ा स्‍कूल

स्‍कूल चले अभियान की खुली पोल 6 साल में 42.86 लाख बच्‍चों ने छोड़ा स्‍कूल

मध्य प्रदेश
भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। मप्र में 6 साल में 42.86 लाख बच्‍चों ने स्‍कूल जाना छोड़ा है। इसमें सरकारी स्‍कूलों में एडमिशन लेने के बाद पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्‍चों की संख्‍या 28 लाख से अधिक है, जबकि प्राइवेट स्‍कूलों में ऐसे बच्‍चों की संख्‍या 14.86 लाख है। यह खुलासा निशुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीआई) पर भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में हुआ है। वित्‍त मंत्री जयंत मलैया ने 31 मार्च 2016 को समाप्‍त हुए वित्‍तीय वर्ष पर सीएजी की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने वर्ष 2010 से 2016 तक प्रारंभिक शिक्षा पर 48 हजार करोड़ रूपए खर्च किए हैं बावजूद इसके प्रारंभिक कक्षाओं में एडमिशन लेने के बाद स्‍कूल छोड़ने वाले बच्‍चों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी स्‍कूलों की तुलना में प्राइवेट स्‍कूलों में पढ़ने में बच्‍चो
बिना आवेदन किए सिफारिश पर हो गई 31 अधिवक्‍ताओं की नियुक्ति

बिना आवेदन किए सिफारिश पर हो गई 31 अधिवक्‍ताओं की नियुक्ति

मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार, राष्ट्रीय खबर
भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। उच्‍च न्‍यायालय में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों की नियुक्ति में भारी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। सरकारी वकीलों की नियुक्ति महाधिवक्‍ता की सिफारिश पर राज्‍य शासन करता है। हाईकोर्ट की जबलपुर, ग्‍वालियर और इंदौर तीनों बेंचों में सरकारी वकीलों की नियुक्ति में नियमों का सरासर उल्‍लंघन किया गया है। राज्‍य शासन की ओर से 10 ऐसे अधिवक्‍ताओं को सरकार की पैरवी का जिम्‍मा सौंपा गया है, वकीलों के रूप में उनके एनरोलमेंट को ही अभी 7 से 8 साल हुए हैं, जबकि नियमानुसार 10 वर्ष या इससे अधिक वर्ष का वकालत का अनुभव होना अनिवार्य है। शासन ने 31 ऐसे अधिवक्‍ताओं को भी सरकारी वकील के रूप में नियुक्ति दी है, जिनकी सिफारिश महाधिवक्‍ता की ओर से की नहीं नहीं गई। नियमों को ताक पर रखते हुए इन वकीलों की नियुक्ति स्‍थानीय मंत्री, विधायक और सांसदों की सिफारिशों के आधार पर की गई है। इन
फेसबुक पर बदनाम करने की धमकी दी तो भाग आई पटना से भोपाल

फेसबुक पर बदनाम करने की धमकी दी तो भाग आई पटना से भोपाल

मध्य प्रदेश
भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। पड़ोसी युवक ने फेसबुक पर आपत्तिजनक तस्‍वीर अपलोड करने की धमकी दी तो वह पटना से भोपाल भाग आई। इससे पहले की वह नाबालिग अनजान शहर में अकेले भटकती जीआरपी पुलिस ने उसे चाइल्‍ड केयर के हवाले कर दिया। चाइल्‍ड लाइन की मदद से महिला थाने में आरोपी युवक के खिलाफ अपराध दर्ज कराया गया है। नाबालिग को बालिका गृह में रखा गया है। 1 दिसंबर को सीडब्‍लूसी की मौजूदगी में नाबालिग को परिजनों के हवाले किया जाएगा। चाइल्‍ड लाइन प्रभारी अर्चना सहाय ने बताया कि 28 नवंबर की रात बैरागढ़ जीआरपी पुलिस को पटना निवासी बालिका लावारिस अवस्‍था में मिली थी। सूचना पर चाइल्‍ड लाइन ने बालिका को बालिका गृह में रखा था। 29 नवंबर को सीडब्‍लूसी की बैठक में बालिका ने कहा कि उसके पड़ोस में रहने वाला युवक भोपाल में प्राइवेट कॉलेज में इंजीनियरिंग कर रहा है। पड़ोसी होने के नाते वह उसे बात किया करती थी। कुछ दिनों
सीट लेने के बाद दाखिला क्‍यों नहीं लिया-हाईकोर्ट

सीट लेने के बाद दाखिला क्‍यों नहीं लिया-हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश
भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। व्‍यापंम घोटाले में सात प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एनआरआई कोटे से हुए 97 एडमिशन के मामले में हाईकोर्ट ने संचालकर चिकित्‍सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि जांच समिति यह भी देखे कि सीट आवंटन कराने वाले उम्‍मीदवार कॉलेज संचालकों के डमी तो नहीं थे। इसकी जांच रिपोर्ट 11 दिसंबर तक पेश की जाए। महाधिवक्‍ता पुरूषेंद्र कौरव ने सातों कॉलेजों के अपात्र 107 उम्‍मीदवारों के एडमिशन निरस्‍त किए जाने की रिपोर्ट पेश की। भोपाल के पीपुल्‍स, चिरायु, एलएन, आकेडीएफ, इंदौर के अरबिंदो, इंडेक्‍स, देवास के अमलतास और उज्‍जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के इन विद्यार्थियों के केस में जस्टिस आरएस झा एवं जस्टिस नंदिता दुबे की खंडपीठ में 29 नवंबर को पहली सुनवाई हुई। कॉलेजों की 94 सीटें मॉप अप राउंड काउंसलिंग से भरी गई। डीएमई ने नीट यूजी काउंसलिंग 2017 में लेफ्ट आउट राउंड के बाद
इसरो की मदद से रोकेंगे रेल दुर्घटना

इसरो की मदद से रोकेंगे रेल दुर्घटना

मध्य प्रदेश
रतलाम न्‍यूज 4 इंडिया। रेल मंडल में आने समय में मानव रहित रेल फाटक पर एक भी ट्रेन दुर्घटना मानवीय भूल की वजह से नहीं होगी। इसके लिए रेलवे ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद ली है। इसरो ऐसी प्रणाली विकसित करने जा रहा है, जिसमें ट्रेन के करीब 500 मीटर दूर रहने पर अपने आप फाटक पर हूटर बजने लगेंगे। इसके लिए इसरो ने रेलवे को हां कर दी है। मंडल में इस तकनीक से करीब 50 से अधिक रेल फाटक पर लाभ होगा, जो मानव‍ रहित है। इसरो ने रेलवे के कहने पर एक विशेष तकनीक बनाने पर काम शुरू कर दिया है। सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे व इसरो मिलकर काम करेंगे। इसके लिए इसी सप्‍ताह रेलवे ने इसरो से मदद मांगी है। इसमें रेलवे ने इस प्रकार की तकनीक विकसित करने को कहा जो मानव रहित रेल फाटक पर काम करने वाले मंडल के अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक के आने के बाद सबसे बड़ा लाभ तो मंडल में ही होगा। हुईं दो र
पिस्‍टल लेकर क्‍यों स्‍कूल पहुंचा दसवीं का छात्र

पिस्‍टल लेकर क्‍यों स्‍कूल पहुंचा दसवीं का छात्र

मध्य प्रदेश
दमोह न्‍यूज 4 इंडिया। शहर के उत्‍कृष्‍ट हाई स्‍कूल में अध्‍ययनरत एक दसवीं का छात्र क्‍लास में पिस्‍टल लेकर बैठा था, जिसे तलाशी के दौरान स्‍कूल शिक्षकों ने पकड़ लिया। स्‍कूल प्राचार्य ने छात्र के पास पिस्‍टल होने की खबर पुलिस से छिपा ली और छात्र के पिता को बुलाकर पिस्‍टल वापस सौंप दी। यह पूरी घटना स्‍कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई, लेकिन स्‍कूल प्राचार्य केके पां‍डे द्वारा मना किए जाने की वजह से अन्‍य शिक्षकों ने भी मामले में हस्‍ताक्षेप नहीं किया। जब 28 नवंबर को इस संबंध में प्राचार्य से बात की तो उन्‍होंने घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस को नहीं देने के प्रश्‍न पर कुछ नहीं बोले। स्‍कूल प्रबंधन का कहना है कि वह अपने पिता का लाड़ला है। छात्र 24 नवंबर को बैग में पिस्‍टल रखकर ले गया था। अपनी क्‍लास में उसने पिस्‍टल जैसे ही बैग से निकालकर अपनी कमर पर बैल्‍ट में फंसानी चाही तो क
डीन को भेजा जेल

डीन को भेजा जेल

मध्य प्रदेश
भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। व्‍यापमं महाघोटाले में न्‍यायाधीश एससी उपाध्‍याय की कोर्ट ने 28 नवंबर को चिरायु मेडिकल कॉलेज के तत्‍कालीन डीन डॉ. वीरेंद्र मोहन को 30 नवंबर तक के लिए न्‍यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पीएमटी 2012 के फर्जीवाड़े में वीरेंद्र मोहन की लुधियाना से गिरफ्तारी हुई थी। सीबीआई उसे लेकर भोपाल पहुंची और कोर्ट में पेश किया। आरोपी की जमानत याचिका पर 29 नवंबर को सुनवाई होगी। सीबीआई ने चार निजी मेडिकल कॉलेजों इंडेक्‍स, पीपुल्‍स, एनएन व चिरायु के चेयरमैन सहित भूमिगत 24 पदाधिकारियों और चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों की तलाश तेज कर दी है।