दुनियामे हलचल

क्यों करनी पड़ी फ्लाइट की इमर्जेंसी लैंडिंग

क्यों करनी पड़ी फ्लाइट की इमर्जेंसी लैंडिंग

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लाहौर। लाहौर से फ्लाइट में सवार होते ही एक शख्स को बीवी की इतनी याद आई कि वह फूट फूटकर रोने लगा। उसकी हालत देखकर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। पाकिस्तान के न्यूज चैनल के एक वीडियो के मुताबिक इस शख्स का नाम इरफान हाकीम अली है जिसकी हाल ही में शादी हुई है। उसका परिवार उसे नौकरी के लिए सऊदी अरब भेज रहा था और वह पत्नी से दूर नहीं रहना चाहता था। बस फिर क्या था वह लाहौर से शाहीन एयरलाइंस की फ्लाइट में बैठा था। फ्लाइट उड़ान भरकर काफी दूर निकल चुकी थी और तभी उसे पत्नी की ऐसी याद आई कि वह दोबारा लाहौर एयरपोर्ट पर उतारने के लिए बहाना सोच लिया। अली अपनी सीट से खड़ा हो गया और जोर-जोर से रोने लगा। जब फ्लाइट के कर्मचारियों ने उससे रोने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। उसका वापस लौटना बहुत जरूरी है। लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। आखिर

ट्रम्प को किसका है इंतज़ार………

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इस साल के आखिर में पहली बार प्रेसिडेंट ट्रंप से मिलेंगे पीएम मोदी, जाएंगे वॉशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के आखिर तक अमेरिका दौरे पर जाएंगे. व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी मेजबानी का इंतजार है. व्हाइट हाउस ने अपने ऐलान में पीएम मोदी के दौरे की तारीखों का ऐलान नहीं किया है. ट्रंप प्रशासन की ये घोषणा इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में गर्मजोशी अब भी कायम है. हालांकि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद वीजा मसले पर भारत की अपनी चिंताएं हैं. दो बार फोन पर बातचीत व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर उन्हें भारत में राज्य स्तर के हालिया चुनाव में मिली जीत को लेकर बधाई दी.’ इसने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सुधार एजेंडे के प्रति अपना समर्थन जताया और इस ब
राष्ट्रपति के पद से हटाया जा सकता है ट्रंप को

राष्ट्रपति के पद से हटाया जा सकता है ट्रंप को

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नई दिल्ली। यात्रा प्रतिबंध आदेश और ओबामाकेयर पर लगे झटके के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की परेशानी और बढ़ने की आशंका जताई गई है। 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान ट्रंप की टीम के रूस के साथ संबंधों को लेकर उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है। अमेरिका की नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी (एनएसए) के पूर्व विश्लेषक ने इस बात की आशंका जताई है। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन भी इससे मुंह नहीं मोड़ रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञ और पूर्व काउंटर इंटेलीजेंस अधिकारी जॉन शिंडलर के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति ट्रंप को रूसी साठगांठ के आरोप के लिए अभियोग का सामना करना पड़ा तो पद से उनका पत्ता साफ हो सकता है। ट्रंप की चुनाव अभियान टीम पर राष्ट्रपति चुनाव को बाधित करने का आरोप है। शिंडलर ने कहा कि इस मामले में ट्रंप के आसपास के लोग ही नहीं बल्कि वह खुद भी इस आरोप का सामना कर रहे हैं। यह मामल
भूतों के डर से  राष्ट्रपति छोड़कर भागे घर

भूतों के डर से राष्ट्रपति छोड़कर भागे घर

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रियो डी जेनेरियो। ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल टेमेर को भूत-प्रेतों का डर सताने लगा है। इसी वजह से टेमेर ने अपने आलीशान आधिकारिक निवास छोड़ दिया है। 76 वर्षीय टेमेर ने ब्राजील की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों को इस सप्ताह यह कहकर हैरान कर दिया कि उन्होंने बुरी आत्माओं व भूतों की वजह से राजधानी ब्राजीलिया में स्थित एल्वोरेडा पैलेस छोड़ दिया है। अब वह 33 वर्षीय पत्नी मार्सेला और सात साल के बेटे के साथ उपराष्ट्रपति आवास में रहने चले गए हैं, जो कि एल्वोरेडा पैलेस से छोटा है। ग्लोबो अखबार के अनुसार, मार्सेला टेमर ने बुरी आत्माओं को भगाने के लिए एक पादरी को भी यहां बुलाया था लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद टेमेर परिवार जबुरू पैलेस में चले गए। व्हाइट हाउस से भी जुड़े हैं ऐसे ही किस्से अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस में भी भूत-आत्माओं के किस्से हमेशा से चर्चा का विषय रहे

प्रेम विवाह करने पर लगाया 17 लाख जुर्माना

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प्रेम विवाह करने पर लगाया 17 लाख जुर्माना कराची। पाकिस्तान में एक जिरगा (कबायली अदालत) ने प्रेम विवाह करने वाले व्यक्ति पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं इस जोड़े को तीन महीने के लिए गांव से निकालते हुए व्यक्ति को जिरगा ने 'कारो' (दूसरी महिला से संबंध रखने वाला) घोषित किया है। महिला ने आठ महीने पहले अदालत में अपनी मर्जी से निकाह किया था। इससे नाराज उसके परिवारों वालों ने जिरगा में शिकायत करते हुए अपने इज्जत को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की थी। पाकिस्तान की कबायली अदालतें महिला विरोधी फैसलों के लिए कुख्यात रहीं हैं। इसके बावजूद बीते महीने नेशनल असेंबली ने एक ऐसे बिल को पारित किया था जो सदियों पुरानी जिरगा को वैध बनाता है। अदालतों पर बोझ कम करने के मकसद से यह बिल लाया गया था। - See more at:
दक्षिण कोरिया: राष्‍ट्रपति पार्क के खिलाफ महाभियोग पर अदालत की मुहर

दक्षिण कोरिया: राष्‍ट्रपति पार्क के खिलाफ महाभियोग पर अदालत की मुहर

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दक्षिण कोरिया: राष्‍ट्रपति पार्क के खिलाफ महाभियोग पर अदालत की मुहर सियोल: दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पार्क ग्युन-हे के खिलाफ संसद से पारित महाभियोग प्रस्ताव को बरकरार रखा, जिसके बाद देश में पिछले 92 दिनों के नेतृत्व संकट का समाधान हो गया है. संवैधानिक अदालत की कार्यवाहक न्यायाधीश ली जुंग मी ने यह फैसला सुनाया,उन्होंने कहा,"राष्ट्रपति की गतिविधियों के नकारात्मक प्रभाव व परिणाम बेहद गंभीर हैं और उन्हें पद से हटाना व्यापक हित में है." समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, पार्क देश की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई पहली ऐसी नेता हैं, जिन्हें पद से हटा गया है. अदालत के आठ न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से महाभियोग के पक्ष में वोट किया. संसद ने पार्क के खिलाफ नौ दिसंबर को महाभियोग प्रस्ताव पारित किया था. उन पर सरकारी मामलों में अपनी करीबी दोस्त को सरकारी कामकाज में हस्त
सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत वीटो छोड़ने को राजी

सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत वीटो छोड़ने को राजी

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सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत वीटो छोड़ने को राजी संयुक्त राष्ट्र9/03/17। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत सहित जी 4 के सदस्य देश वीटो पावर छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। पांच स्थायी सदस्यों वाली दुनिया की इस सर्वाधिक शक्तिशाली संस्था के विस्तार में वीटो पावर बड़ी बाधा बनी हुई थी। सदस्य देश -अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन वीटो पावर का अधिकार बढ़ाए जाने का पक्षधर नहीं है। वीटो वह पावर है जिसका इस्तेमाल करके कोई भी स्थायी सदस्य देश सुरक्षा परिषद में रखे गए किसी भी प्रस्ताव का क्रियान्वयन रोक सकता है। सुरक्षा परिषद के विस्तार की चर्चा कई दशकों से चल रही है। भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान इस शक्तिशाली संस्था के स्थायी सदस्य बनने के प्रबल दावेदार हैं। ये देश सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार की पैरोकारी कर रहे हैं। साथ ही, एक-द
राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के एजेंडे में ‘भारत के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता’

राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के एजेंडे में ‘भारत के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता’

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राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के एजेंडे में 'भारत के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता' ब्रिटेन में शुरू हो रहे राष्‍ट्रमंडल शिखर सम्‍मेलन के एजेंडे में भारत समेत अन्‍य देशों के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता शामिल होगा। लंदन (जेएनएन)। दो दिवसीय ब्रिटिश राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन गुरुवार को शुरु होगा। इसमें ब्रिटेन और भारत, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। इसको लेकर सदस्य देशों के बीच समझौते हो सकते हैं। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद इसको लेकर उम्मीद बढ़ी है। इस सम्मेलन में 30 से अधिक मंत्रियों तथा करीब 60 व्यापार प्रमुखों के भाग लेने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन स्थित कॉमनवेल्थ इंटरप्राइज एंड इनवेस्टमेंट काउसिंल के चेयरमैन लार्ड मारलैंड ने ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद मुक्त व्या
न्यूयॉर्क टाइम्स के कार्यकारी संपादक डीन बैक्वेट ने कहा, हम दृढ़ता से न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य समाचार संगठनों के बहिष्कार का विरोध करते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स के कार्यकारी संपादक डीन बैक्वेट ने कहा, हम दृढ़ता से न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य समाचार संगठनों के बहिष्कार का विरोध करते हैं।

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  वॉशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी), सीएनएन और बीबीसी के पत्रकारों के व्हाइट हाउस की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में शामिल होने पर रोक लगा दी है। इन मीडिया हाउस के पत्रकार अब औपचारिक बुलावे पर ही व्हाइट हाउस के आयोजनों में हिस्सा ले सकेंगे। इस निर्णय से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मीडिया के साथ संबंधों में और कड़वाहट आने की आशंका है। इससे पहले ट्रंप पांच प्रमुख अखबारों और न्यूज चैनलों को अमेरिकी लोगों का दुश्मन करार दे चुके हैं। मूल रूप से ब्रिटेन के बीबीसी का नाम इस सूची में नया है। कंजरवेटिव पोलिटिकल एक्शन कांफ्रेंस के वार्षिक कार्यक्रम में मीडिया के प्रति ट्रंप के नाराजगी जाहिर करने के कुछ घंटों बाद ही व्हाइट हाउस ने कई प्रमुख मीडिया हाउस पर प्रतिबंध लगाय है। इस कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, वह झूठी खबरों के खिलाफ हैं-प्रेस की आजादी के