[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मौत – News 4 India

Tag: मौत

दोस्ती में दगाबाजी शराब पिलाकर पुल से धकेला दोस्त को ,मौत

दोस्ती में दगाबाजी शराब पिलाकर पुल से धकेला दोस्त को ,मौत

मध्य प्रदेश
जबलपुर न्‍यूज 4 इंडिया। मदन महल थाना क्षेत्र के आमनपुर माली मोहल्‍ला में रहने वाले एक युवक को उसके दोस्‍त शराब पिलाने के बाद तिलवारा के छोटे पुल पर ले गए और उफनाती नर्मदा नदी में धकेल दिया। असल में 14 जुलाई की रात से गायब हुए युवक की तलाश करते हुए उसके परिजनोंने जब अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत की तो मामला सामने आया। सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने जुर्म कबूल तो कर लिया है, लेकिन लाश न मिलने के कारण फिलहाल पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करके दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। माली मोहल्‍ला निवासी सब्‍जी विक्रेता रमेश साहू ने बताया कि उसका बेटा कल्‍लेश साहू 23 वर्षीय उसके साथ दुकान में बैठता था। रमेश के अनुसार 14 जुलाई की शाम को दुकान बंद करने के बाद कल्‍लेश घर नहीं लौटा रात भर बेटे के घर नहीं लौटने पर सुबह से वे लोग उसकी तलाश में जुटे रहे, जिसके बाद पता चला कि रात को
मालगाड़ी की चपेट में आईं  4 महिलाएं, मौत

मालगाड़ी की चपेट में आईं 4 महिलाएं, मौत

छत्तीसगढ़
रायपुर  न्‍यूज 4 इंडिया। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मालगाड़ी की चपेट में आने से चार महिलाओं की मौत हो गई है. दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने को दूरभाष पर बताया कि जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मालगाड़ी की चपेट में आने से लगभग 60 वर्षीय चार महिलाओं जामुली, रामबती, सुक्को और सोनी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुपेर गांव में रहने वाली छह महिलाएं डंकनी नदी की दूसरी ओर कारली गांव में अपने रिश्तेदार के यहां से रवाना हुई थी. इस दौरान महिलाएं नदी पर रेलगाड़ियों के लिए बने पुल पर चली गईं और पटरी के मध्य से ही पुल पार करने लगीं. अधिकारियों ने बताया कि महिलाएं जब पुल पार कर रही थीं तब सामने से आ रही मालगाड़ी ने चार महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया. इस घटना में महिलाओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. दो महिलाएं सकुशल हैं. उन्होंने बताया कि घटना क
मौत, फिर जीवन के लिए संघर्ष और अंतत: सब खत्‍म हुआ

मौत, फिर जीवन के लिए संघर्ष और अंतत: सब खत्‍म हुआ

छिंदवाड़ा अप्डेट्स
छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। नागपुर के निजी अस्‍पताल में 12 दिनों से जीवन के लिए संघर्ष कर रहा हिमांशु अंतत:चिरनिद्रा में लीन हो गया। पिछले दिनों पोस्‍टमार्टम गृह से जिंदा लौटने के बाद से हिमांशु नागपुर के एक निजी अस्‍पताल में वेंटीलेटर पर था जिसे बचाने न सिर्फ नागपुर के विशेषज्ञ चिकित्‍सकों ने ही नहीं बल्कि उत्‍तराखंड से आए डॉक्‍टर ने भी तमाम प्रयास किए, लेकिन हिमांशु को नहीं बचाया जा सका। 15 मार्च की सुबह हिमांशु की मृत्‍यु की सूचना प्रोफेसर कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंची तो परिवार में शोक की लहर दौड़ पड़ी। पूरी कॉलोनी में दिनभर सन्‍नाटा पसरा रहा। नागपुर में पोस्‍टमार्टम के बाद हिमांशु का शव छिंदवाड़ा लाया गया। हिमांशु की अंतिम यात्रा में शहर के सैकड़ों लोग शामिल हुए। घर में चूल्‍हा नहीं जला, ग्‍यारह दिन उम्‍मीदों में जिया परिवार हिमांशु भारद्वाज 4 मार्च को दुर्घटना में घायल हुए।