नई दिल्ली. लगातार चल रहे गतिरोधों के बीच बुधवार को लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) में शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. सत्र स्थगन के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर सदन न चलने देने के आरोप लगाए हैं. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने चुनाव सुधार विधेयक को लेकर आरोप लगाया है कि ‘बीजेपी बिना बहस तत्काल बिल पास करना चाहती थी. चूंकि उनके पास बहुमत नहीं है इसलिए विपक्ष के सदस्यों को कम करने का निर्णय लिया गया. सत्र की शुरुआत होते ही विपक्ष के 12 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया.’खड़गे ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र की शुरुआत 12 सांसदों के निलंबन के साथ हुई. मानसून सत्र की घटना को लेकर शीतकालीन सत्र में निलंबन किया जाना पूरी तरह से गलत है. हम चाहते थे कि बेरोजगारी, महंगाई और अन्य मुद्दों पर बहस की जाए.’


क्या बोले संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी
वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘हम सदन चलाना चाहते थे लेकिन उन्होंने (विपक्ष) कई दिन बर्बाद कर दिए. बिना किसी बहस के बवाल किया गया. राहुल गांधी एक पार्ट टाइम नेता हैं, संभव है वो नए साल की छुट्टियां मनाने कहीं जा रहे हों.’


लोकसभा की कार्यवाही
लोकसभा की बात करें तो इस दौरान 18 बैठकें हुईं और सदन का कार्य निष्पादन 82 प्रतिशत रहा, वहीं व्यवधान के कारण 18 घंटे 48 मिनट का समय व्यर्थ गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘यह सत्र 29 नवंबर से शुरू हुआ और इस दौरान कुल 18 बैठकें हुई जो 83 घंटे 12 मिनट तक चलीं.’उन्होंने बताया कि सत्र के आरंभ में सदन के तीन सदस्यों ने 29 और 30 नवंबर को शपथ ली. बिरला ने कहा कि इस सत्र में महत्वपूर्ण वित्तीय और विधायी कार्य निपटाये गए और इस दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किये गए और 9 विधेयक पारित हुए.