पौष मास की कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी इस साल की आखिरी एकादशी है जो 30 दिसंबर को है। ऐसे में आप सभी जानते ही होंगे की यह एकादशी अपने नाम की तरह ही हर कार्य को सफल बनाने वाली मानी गई है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं सफला एकादशी (Saphala Ekadashi Date) व्रत के करने के 26 फायदे हैं जो चौकाने वाले हैं।

* कहा जाता है इस व्रत को करने से व्यक्ति निरोगी रहता है,
* इस व्रत को करने से राक्षस, भूत-पिशाच आदि योनि से छुटकारा मिलता है,
* इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है,
* इस व्रत को करने से संकटों से मुक्ति मिलती है,
* इस व्रत को करने से सर्वकार्य सिद्ध होते हैं,
* इस व्रत को करने से सौभाग्य प्राप्त होता है,
* इस व्रत को करने से मोक्ष मिलता है,
* इस व्रत को करने से विवाह बाधा समाप्त होती है,
* कहते हैं इस व्रत को करने से धन और समृद्धि आती है,
* इस व्रत को करने से शांति मिलती है,
* इस व्रत को करने से मोह-माया और बंधनों से मुक्ति मिलती है,
* इस व्रत को करने से हर प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं,
* इस व्रत को करने से खुशियां मिलती हैं,
* इस व्रत को करने से सिद्धि प्राप्त होती है,
* इस व्रत को करने से उपद्रव शांत होते हैं,
* इस व्रत को करने से दरिद्रता दूर होती है,
* ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से खोया हुआ सबकुछ फिर से प्राप्त हो जाता है,
* इस व्रत को करने से पितरों को अधोगति से मुक्ति मिलती है,
* इस व्रत को करने से भाग्य जाग्रत होता है,
* इस व्रत को करने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है,
* इस व्रत को करने से पुत्र प्राप्ति होती है,
* शत्रुओं का नाश होता है,
* इस व्रत को करने से सभी रोगों का नाश होता है,
* इस व्रत को करने से कीर्ति और प्रसिद्धि प्राप्त होती है,
* इस व्रत को करने से वाजपेय और अश्‍वमेध यज्ञ का फल मिलता है और हर कार्य में सफलता मिलती है।