• 300 यूनिट के बिल पर 50 से 100 रुपए तक का भार आएगा


भोपाल ।  प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनी की ओर से पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने बिजली दरों में वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेज दिया है। इस बार मैनेजमेंट कंपनी ने आयोग से 3.2 प्रतिशत बिजली महंगी किए जाने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि ट्रेंड यह है कि जिस साल चुनाव होते हैं उस साल नियामक आयोग ने कभी बिजली दरों में इजाफा नहीं किया है। 2014 के लोकसभा और 2018 के विधानसभा चुनाव के समय भी दरों को यथावत रखा गया था। उलटा सरकार ने हर वर्ग के बकाया बिजली बिल माफ कर दिए थे। 31 दिसंबर से पहले पश्चिम मध्य और पूर्व क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी आय-व्यय का ब्योरा और घाटा पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को भेज देते हैं। मैनेजमेंट कंपनी तीनों वितरण कंपनी के लिए दरों को निर्धारित करने के लिए याचिका नियामक आयोग को भेज देती है। 15 से 20 दिन का वक्त इस याचिका पर दावे-आपत्ति के लिए आम जनता को दिया जाता है। फिर नियामक आयोग का दल आकर कंपनी के मुख्यालय में जाकर सुनवाई करता है।