भगवान श्री महाकालेश्वर की भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारियों के क्रम में दूसरी सवारी अब से कुछ ही देर में निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। महाकाल मंदिर में आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। श्रद्धालु अब सवारी वापसी के बाद शाम 7 बजे से ही दर्शन कर सकेंगे। वहीं मंदिर के भीतर भगवान महाकाल का श्रंगार व आरती की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आज भगवान चन्द्रमौलीश्वर चांदी की पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री मनमहेश हाथी पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन देंगे।

कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत महाकाल की छठी सवारी में भी दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आज सुबह 5 से दोपहर 1 बजे तक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वे अब शाम 7 से रात 9 बजे तक श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन सामान्य रूप से कर सकेंगे।

सभामंडप में परंपरागत पूजन के बाद सवारी मुख्य द्वार से श्री बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होते हुए हरसिद्धि मंदिर, नृसिंह घाट रोड, सिद्धाश्रम के सामने से शिप्रा तट रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर मां शिप्रा के जल से बाबा श्री महाकालेश्वर के अभिषेक पूजन किया जाएगा। वापसी में सवारी रामानुजकोट, हरसिद्धि पाल से हरसिद्धि मंदिर पहुंचेगी। यहां मां हरसिद्धि व बाबा महाकाल की आरती के बाद श्री बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर वापस आएगी।

जगह-जगह होगी सजावट -

सवारी मार्ग पर मंदिर समिति के माध्यम से जगह–जगह पर सजावट की जाएगी। बाबा श्री महाकालेश्वर के नगर भ्रमण के दौरान संपूर्ण मार्ग में फूलों व रंगों की सतरंगी रंगोली, आतिशबाजी, रंगबिरंगे ध्वज, छत्रियां आदि के माध्यम से सजाया जा रहा है। संपूर्ण सवारी मार्ग को आकर्षक बनाने के लिये आधुनिक सज्जा के उपायों द्वारा सुसज्जित, सुन्दर व भव्य बनाने का कार्य प्रत्येक सवारी में किया जा रहा है।

सवारी व्यवस्था : सवारी के दौरान सभामंडप में प्रवेश वर्जित

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक नरेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया सवारी के दौरान सभामंडप में प्रवेश वर्जित रहेगा। सवारी में केवल पालकी उठाने वाले कहार, पुजारी, पुरोहित, पुलिस, मंदिर समिति के कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। सजावट के लिए अनुमति प्राप्त संस्था के अतिरिक्त बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश निषेध रहेगा। रामघाट व सवारी मार्ग में आमजन का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। रामघाट पूजा स्थल पर केवल पुजारी, पुरोहित ही रहेंगे।

लाइव प्रसारण होगा -

मंदिर प्रबंध समिति की ओर से मंदिर की आईटी शाखा व उज्जैन एनआईसी की सहायता से समिति की वेबसाईट www.mahakaleshwar.nic.in और फेसबुक पेज पर भगवान की सवारी का सीधा प्रसारण (लाइव) किया जाएगा।

दोपहर 1 बजे से मंदिर की ओर आने वाले सभी रास्ते बंद -

सोमवार को सवारी के दिन दोपहर 1 बजे के बाद मन्दिर की ओर आने-जाने के मार्ग बन्द कर दिये जाएंगे। कोविड प्रोटोकाल के तहत सवारी मार्ग पर भी धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। जिसमें आमजन के सवारी मार्ग पर एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है।