छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में चना, नमक वितरण को लेकर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है. बीते दो माह से बैगा-आदिवासी परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. मिली जानकारी के अनुसार बीते सत्र फरवरी-मार्च चना, नमक का वितरण किया गया है. इसके बाद इस माह का वितरण नहीं हो पाया है. मौजूदा सत्र अप्रैल-मई के लिए अब तक आबंटन ही प्राप्त नहीं हो सका है. जिसके चलते वनांचल क्षेत्र में चिह्नित परिवारों को इस योजना के तहत मिलने वाला लाभ नहीं मिल पा रहा है.

योजना का लाभ नहीं मिलने से हितग्राहियों में नाराजगी देखी जा रही है. गौरतलब है कि जिले के बोड़ला जनपद पंचायत अंतर्गत 59 पंचायतों में चना वितरण योजना लागू है, जिसमें माडा योजना के तहत चिह्नांकित आदिवासी, बैगा परिवार को प्रतिकार्ड दो किलो चना व एक किलो नमक प्रदान किया जाता है, लेकिन विभागीय उदासिनता के चलते इस योजना का लाभ अधर में लटकता दिख रहा है. भाजपा ने तो कांग्रेस पर आरोप भी लगाया है कि कांग्रेस सरकार इस योजना को बंद कर दी है. वो दिखावे के लिए आदिवासी परिवारो की हितैषी हैं.

भाजपा नेता श्रीकांत उपाध्याय का कहना है कि 100 दिन में ही भूपेश सरकार का असली रंग दिखने लगा है. वही मामले में खाद्य अधिकारी अनिल सिदार का कहना है कि आबंटन न मिलने की वजह से इस माह वितरण नहीं किया जा सका है. अप्रैल-मई का आबंटन एक साथ आएगा, आते ही वितरित करेंगे. योजना के बंद होने जैसी बातों को अफवाह बताते हुए लिखित में कोई आदेश न आने की बात अनिल सिदार ने कही है.