वाराणसी। यूपी की पीलीभीत सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी के ट्वीट को लेकर सत्ता और विपक्ष में हलचल तेज है। वरुण गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमे स्वयं आग लगा दी। इस व्यवस्था ने किसानों को कहां लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इस पर एक ओर जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर हो रहा है तो दूसरी ओर खुद बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और कन्नौज से सांसद और वाराणसी के प्रभारी सुब्रत पाठक का बयान भी सवाल पैदा कर रहा है।
  वाराणसी में जब मीडिया ने वरुण गांधी के इस ट्वीट पर उनका पक्ष जाना तो तो सधे अंदाज पर सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि बड़े परिवार में जन्मे है और राजनीति का शौक है, कुछ भी बोल सकते हैं। इस बयान को लेकर अंदरखाने वरुण गांधी की पार्टी में भूमिका से जोड़ कर देख रहे हैं। बीजेपी सांसद वरुण गांधी लगातार किसानों को लेकर यूपी सरकार को कभी पत्र लिखते रहे हैं तो कई ट्वीट के जरिए उनकी बात पहुंचाते हैं। ताजा मामला कृषि मंडियों पर धान की फसल खरीद को लेकर किए गए उनके ट्वीट का है। सुब्रत पाठक ने प्रियंका गांधी दवारा यूपी चुनाव में महिलाओं को चालीस फीसदी सीट देने के ऐलान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले प्रियंका गांधी छत्तीसगढ़, पंजाब और राजस्थान पर इसे लागू करवाएं। वहां कितनी सीटें दी गई हैं महिलाओं को? दूसरा ये टिकट महिलाओं को मिलेंगी या फिर नेताओं की पत्नियों को, ये भी बताएं। सुब्रत पाठक ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार केंद्र सरकार में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को हिस्सेदारी दी गई है। पीएम के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं मुहिम का ही असर है कि हरियाणा जैसे राज्य में लड़के-लड़कियों का अनुपात काफी हद तक सुधर गया है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर कहा कि अगर पूर्ववर्ती सरकारें पेट्रो पदार्थों और ईंधन के अन्य विकल्प पर काम करतीं तो जनता को ये दिक्कत नहीं होती। दस साल में हमारी सरकार नए विकल्प लाकर इस दिक्कत से निजात दिलाएगी।