उज्जैन. दीपावली (Diwali 2021) साफ-सफाई के दौरान बहुत सी ऐसी चीजें भी हमारे घर में निकलती हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं होता, लेकिन फिर भी हम उसे अपने घरों में दोबारा रख लेते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, ऐसा करना हमारे लिए नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इनसे निकलने वाली निगेटिव एनर्जी हमारे घर को प्रभावित करती हैं। इसका नकारात्मक प्रभाव परिवार के लोगों पर भी पड़ता है। आगे जानिए कौन-सी हैं ये चीजें.

टूटे-फूटे शो-पीस
हमारे घर में कई शो-पीस होते हैं जो इधर-उधर से थोड़े-थोड़े टूटे-फूटे होते हैं। कई बार ज्यादा टूट-फूट होने पर हम इन्हें कबाड़ में डाल देते हैं लेकिन घर के बाहर नहीं निकालते हैं। इनसे निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा किसी-न-किसी रूप में हमें प्रभावित जरूर करती हैं। इसलिए अगर आप देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं दीपावली से पहले ऐसे शो-पीस को घर के बाहर निकाल दें।

पुराने और खराब बर्तन
पुराने या खराब बर्तन जो किसी काम न आ रहें हो उन्हें भी घर में रखने से निगेटिविटी और वास्तु दोष बढ़ते हैं। इन बर्तनों की ठीक से सफाई नहीं हो पाती है, गंदगी लगी रहती है। ऐसे बर्तनों में भोजन करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसीलिए ये बर्तन घर में नहीं रखना चाहिए। मान्यता है कि टूटे-फूटे और बेकार बर्तनों की वजह से देवी लक्ष्मी की कृपा नहीं मिलती है।

खंडित प्रतिमाएं
भगवान की खंडित प्रतिमाएं भी घर में नहीं रखनी चाहिए और न ही इनकी पूजा करनी चाहिए। इससे दोष लगता है। इस दोष के कारण देवी लक्ष्मी की कृपा हम पर नहीं हो पाती और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर आपके घर में भी खंडित देव प्रतिमाएं हैं तो दीपावली के पहले इन प्रतिमाओं का विसर्जन किसी नदी या तालाब में सम्मानपूर्वक कर दंत ताकि देवी लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे।

अन्य बेकार चीजें
वास्तु के अनुसार घड़ियों की स्थिति से हमारे घर-परिवार की उन्नति निर्धारित होती है। खराब या बंद घड़ी के कारण परिवार के सदस्यों की उन्नति रुकती है। इसके अलावा अगर घर में कोई टूटी हुई तस्वीर हो तो उसे भी घर से हटा देना चाहिए। यह भी वास्तु दोष उत्पन्न करती है। वास्तु के अनुसार, फर्नीचर में टूट-फूट लाइफ पर बुरा असर डालती है और यह आपकी आर्थिक परेशानियों का कारण भी हो सकता है। इन सभी चीजों को दीपावली से पहले घर से बाहर निकाल दें ताकि आप पर देवी महालक्ष्मी प्रसन्न रहे।