छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में फिर एक बार जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते सैकड़ों किसान अपनी खेती-किसानी से वंचित हो गए हैं. ये किसान इस भीषण गर्मी में रबी की फसल के अलावा धान की खेती करते थे, लेकिन टूटे हुए बांध की मरम्मत नहीं होने की वजह से पानी का अभाव हो गया. इस कारण किसान फसल नहीं उगा पाए.

आपको बता दें कि चारामा क्षेत्र के मैनखेड़ा जलासाय बरसात के दिनों में बरसाती पानी से लबालब रहता था. इस दौरान डेम में अधिक पानी भर जाने के कारम बांध टूट गया. लिहाजा, बांध के टूटने से पानी के बहाव में पूरी फसल नष्ट हो गई. अब किसान मुआवजा की आस लगाए बैठे हैं, जो उन्हें अभी तक नहीं मिला है.

वहीं अब जलाशय में पानी सूख जाने से किसान फसल नहीं कर पा रहे हैं. इस वजह से किसानों को अब दो वक्त का आनाज तक मिलना मुश्किल हो गया है. किसानों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आपना दुखड़ा सुनाया, लेकिन आज तक किसानों को न तो मुआवजा मिला और ना ही विभाग द्वारा बांध की मरम्मत का काम शुरू किया गया.

सरकार भले ही किसानो के बारे में, उनकी खेती-किसानी के बारे में सोच रही होगी, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा की जा रही लापरवाही के चलते किसानों को लाभ नही मिल पा रहा है. इस संबंध में जल संसाधन विभाग के अधिकारी से जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बचते नजर आए.