नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के तहत डीआरडीओ द्वारा बनाए गए एयर इंडीपेंडेंट प्रोपल्शन (एआइपी) सिस्टम्स को भारतीय नौसेना की कलवारी श्रेणी की पनडुब्बियों में फिट किया जाएगा। इस सिस्टम की वजह से भारतीय पनडुब्बियां लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकेंगी। एआइपी को पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों में लगाया जाता है और इनसे उनकी पानी के नीचे रहने की क्षमता में वृद्धि होती है अन्यथा पनडुब्बियों को अपनी बैट्रियां चार्ज करने के लिए बार-बार पानी की सतह पर आना पड़ता है। फ्रांसीसी कंपनी नेवल ग्रुप के सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट एलेन गुइलो ने कहा ‎कि 'डीआरडीओ द्वारा बनाई गई एआइपी को कलवारी श्रेणी की पनडुब्बियों में उनके रीफिट कार्यक्रम के दौरान फिट किया जाएगा। आइएनएस कलवारी श्रेणी की पहली पनडुब्बी का पहला रीफिट वर्ष 2023 में निर्धारित है। उन्होंने बताया कि डीआरडीओ का एआइपी सिस्टम अच्छा है और यह पनडुब्बियों की क्षमता में वृद्धि करेगा। डीआरडीओ इसे विकसित करने के लिए पुणे स्थित नेवल मेटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (एनएमआरएल) में नौसेना के साथ मिलकर कार्य करता रहा है।