उज्जैन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लग जाता है। इस वजह से यहां होटलों में नए साल का जश्न नहीं मनाया जाएगा। सभी रेस्टोरेंट, बार व धार्मिक स्थल रात 10 बजे के बाद ही बंद कर दिये जाते हैं। नए साल के पर्व पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में नियमित सजावट की जाती है। और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का विशेष श्रंगार किया जाता है।

महाकाल मंदिर आएं तो ये जरूर ध्यान रखें –

उज्जैन में लगातार कोरोना के बढ़ने के कारण महाकाल मंदिर समिति ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहले ही विशेष एहतियात बरतना शुरू कर दिया है।

  • मंदिर में सुबह से रात तक 6 आरतियां होती हैं।श्रद्धालुओं को मंदिर में सुबह 6 से रात 9 बजे तक ही दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा।भस्म आरती व शयन आरती में श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।अन्य चार आरतियों में वे नंदी हॉल के बाहर लगे बेरिकेड्स से दर्शन कर सकते हैं।भीड़ बढ़ने के कारण बाहर निकलने के लिए बेरिकेट्स लगाए जाएंगे। ताकि श्रद्धालु लाइन से ही बाहर निकल सकें। 

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उज्जैन नगर भ्रमण के लिए बस सेवा शुरू की गई है। इस बस का किराया मात्र सौ रुपए है। यह बस करीब एक दर्जन धार्मिक स्थलों के दर्शन कराती है और शाम 6 बजे तक महाकाल मंदिर वापस लौट आती है।

  • शक्ति पीठ हरसिद्धि माता मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 1 किमी की दूरी।बड़े गणपति – महाकाल मंदिर के सामने।चिंतामन गणेश मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 6 किमी की दूरी।मंगलनाथ – महाकाल मंदिर से करीब 10 किमी की दूरी।कालभैरव मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 8 किमी की दूरी।गढ़कालिका मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 8 किमी की दूरी।रामघाट – महाकाल मंदिर से करीब 2 किमी की दूरी।तारामंडल – महाकाल मंदिर से करीब 9 किमी की दूरी।त्रिवेणी – महाकाल मंदिर से करीब 10 किमी की दूरी।वेधशाला – महाकाल मंदिर से करीब किमी की दूरी।

उज्जैन के मंदिरों में इन बातों का जरूर ध्यान रखें –

  • कोरोना गाइडलाइन (सोशल डिस्टेंस, मास्क पहनना, सेनेटाइजर से हाथ साफ करना आदि) का विशेष ध्यान रखें।अपने कीमती सामान का ध्यान जरूर रखें।एक से दूसरी जगह जाने के लिए इलेक्ट्रिक वीकल का इस्तेमाल करें।उज्जैन देश के पांच प्रमुख स्वच्छ शहरों में शामिल है, इसलिये यहां सफाई का विशेष ध्यान रखें।