जबलपुर । फ्लिपकार्ट द्वारा जबलपुर में चाकू की आनलाइन बिक्री पर रोक लगाने के बाद पुलिस ने स्नैपडील पर नजरें तरेरी हैं। -कामर्स कंपनी स्नैपडील से पुलिस ने पत्राचार कर चाकू खरीदने वालों का ब्यौरा मांगा है। पुलिस ने स्नैपडील को फ्लिपकार्ट द्वारा की गई कार्रवाई का हवाला दिया है। इधर, फ्लिपकार्ट द्वारा जबलपुर में बेचे गए 59 फीसद चाकू जब्त कर लिए गए हैं। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 2 हजार 358 चाकू की खरीदी का ब्यौरा फ्लिपकार्ट ने पुलिस को दिया था। जिसकी तुलना में पुलिस अब तक खरीददारों से एक हजार 408 चाकू जब्त कर चुकी हैं। आपराधिक प्रवृत्ति वालों से चाकू जब्त करने के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज की है।

हर रोज तीन से ज्यादा घटनाएं: जिले में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस को चिंता में डाल दिया है। रोजाना औसत चाकूबाजी की तीन से ज्यादा घटनाएं सामने रही हैं। चाकूबाजी की घटनाओं की विवेचना के दौरान पता चला कि कई वारदातों में प्रयुक्त चाकू की आनलाइन खरीदी की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने -कामर्स कंपनियों से पत्राचार किया। फ्लिपकार्ट ने चाकू खरीदने वालों की सूची उपलब्ध कराई थी। फ्लिपकार्ट से अधारताल में 269, रांझी में 212, गोरखपुर में 200, माढ़ोताल में 94, पनागर में 16, कोतवाली में 98, लार्डगंज में 136, मदनमहल में 66, ओमती में 79, बेलबाग में 59, सिविल लाइन में 44, घमापुर में 162, संजीवनी नगर में 70, गोहलपुर में 156, हनुमानताल में 112, विजयनगर में 44, कैंट में 33, ग्वारीघाट में 53, बरेला में 46, गोराबाजार में 71, कुंडम में दो, तिलवारा में 61, भेड़ाघाट में 12, बरगी में 18, पाटन में पांच तथा कटंगी थाना क्षेत्र में 20 चाकू की आनलाइन डिलीवरी की जानकारी दी थी। इस प्रकार फ्लिपकार्ट द्वारा जिले में 2 हजार 358 चाकू की आनलाइन खरीदी की गई थी।

महिलाओं के नाम पर भी खरीदी: कामर्स कंपनियों से चाकू की आनलाइन खरीदी में महिलाओं के नाम भी सामने आए। गोरखपुर पुलिस ने मांडवा बस्ती निवासी एक युवती को इस मामले में गिरफ्ताकर कर चाकू जब्त किया था। युवती ने पुलिस को बताया था कि बदमाशों से स्वयं की सुरक्षा के लिए वह चाकू अपने पास रखती थी। उसने फ्लिपकार्ट से चाकू की आनलाइन खरीदी की जानकारी दी थी। चाकू जब्त करते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ आम्र्स एक्ट का प्रकरण दर्ज किया था। कालेज में अध्ययनरत छात्रा पर्स में चाकू रखकर शहर में तफरी करते पकड़ी गई थी। इधर, कुछ अन्य मामलों में महिलाओं के पहचान पत्र का उपयोग कर चाकू की आनलाइन खरीदी की गई थी। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने गृहस्थी के कामकाज के लिए चाकू की खरीदी की थी। महिलाओं ने खरीदे गए चाकू स्वेच्छा से पुलिस को सौंप दिए।

शिकायतें मिलने के बाद नई योजना: फ्लिपकार्ट द्वारा दी गई सूची के आधार पर चाकू खरीदने वालों की पतासाजी की जा रही थी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि पुलिस का इरादा किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है। सिर्फ अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ इस मामले में कार्रवाई की जाए। परंतु कुछ चाकू खरीदने वालों से अवैध वसूली की शिकायतें सामने आने लगी थीं। जिसके बाद खरीदे गए चाकू जब्त करने के लिए पुलिस नई टीम तैयार कर रही है।