रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग के पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चों को मुफ्त पढ़ाई के लिए किताबें देने का प्रस्ताव अटक गया है। प्रस्ताव के मुताबिक शिक्षा विभगा ने 12वीं तक बच्चों को मुफ्त किताबें देने की योजना बनाई थी।

इसमें निगम को करीब 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने की संभावना है। बता दें कि राज्य में 11वीं-12वीं में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के बाद महंगी किताबों के कारण छात्र-छात्राओं को हायर सेकंडरी की पढ़ाई करना ही मुश्किल हो गया है।