नई दिल्ली । पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी की ताजपोशी के बाद नाराज बताए जा रहे सीनियर नेता सुनील जाखड़ ने अब इसे साहसी फैसला करार दिया है। सुनील जाखड़ के लेटेस्ट बयान से लगता है कि राहुल गांधी उन्हें मनाने में कामयाब रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर होने पर नाराजगी जाहिर करने के कुछ दिनों बाद पंजाब कांग्रेस प्रदेश कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने के राहुल गांधी के फैसले का समर्थन किया है और इसे साहसी फैसला बताया है।दिल्ली में राहुल गांधी संग मुलाकात के बाद सुनील जाखड़ ने ट्वीट किया और राहुल गांधी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत सिंह को चुनकर पार्टी में अन्य लोगों के लिए भी उभरकर आने का अवसर दिया है। उन्होंने इसे साहसिक निर्णय बताया है और कहा कि यह फैसला जो सिख धर्म के लोकाचार में निहित है, न केवल राज्य के लिए बल्कि राज्य के सामाजिक ताने-बाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है। दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने के बाद नाराज चल रहे पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। इतना ही नहीं जाखड़ राहुल-प्रियंका के साथ ही विमान से दिल्ली भी आए थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद भावी मुख्यमंत्रियों की सूची में सबसे आगे चल रहे थे। हालांकि, बाजी मारी चरणजीत सिंह चन्नी ने। इसके बाद सुनील जाखड़ ने खुलकर नाराजगी जाहिर की थी। सूत्रों ने बताया कि राहुल और प्रियंका शिमला से लौटे थे और दोनों बुधवार शाम को चंडीगढ़ से दिल्ली जाने के लिए एक विमान में सवार हुए। जाखड़ भी इस यात्रा में उनके साथ थे। माना जा रहा है कि जाखड़ को शांत कराने के लिए दिल्ली लाया गया ताकि उनकी बयानबाजी से पार्टी को नुकसान न हो। इसके अलावा जल्दी ही उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के चुनावी कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर जाखड़ के नाम पर पहले से ही विचार किया जा रहा है। बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने से पहले सुनील जाखड़ी ही यह पद संभाल रहे थे।