भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डिजिटल भुगतान सेवा प्रदान करने वाली दिग्गज कंपनी पेटीएम को शेड्यूल बैंक का दर्जा दे दिया है। पेटीएम की ओर से जारी की गई एक विज्ञप्ति के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल किया गया है। गौरतलब है कि जनवरी, 2017 में पेटीएम को अपना पेमेंट बैंक लॉन्च करने के लिए आरबीआई से मंजूरी मिली थी।

खबर के साथ शेयरों में आया उछाल

कंपनी ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित भुगतान बैंक होने के नाते, पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब व्यापार के नए अवसर तलाश कर सकता है। इस खबर के सामने आने के बाद पेटीएम शेयर चढ़ने लगे और बीएसई पर पेटीएम का शेयर 5.87 फीसदी बढ़कर 1,645 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

आरएफपी में भाग ले सकेगा बैंक

पेटीएम की ओर से बताया गया कि हमारा अब बैंक सरकार और अन्य बड़े निगमों द्वारा जारी रिक्वेस्ट ऑफ प्रपोजल्स (आरएफपी) में भाग ले सकेगा। गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर महीने में यह निर्णया किया था और अक्तूबर में इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन कंपनी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा गुरुवार को की गई।

ये सुविधाएं मिलेंगी पेटीएम को

शेड्यूल बैंक का दर्जा मिलने के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक निश्चित दर और परिवर्तनीय दर रेपो, और रिवर्स रेपो, सीमांत स्थायी सुविधा में भागीदारी कर सकता है। इसके साथ ही बैंक अब सरकार द्वारा संचालित वित्तीय समावेशन योजनाओं में भागीदारी के लिए भी पात्र होगा।

बैंक दर पर लोन ले सकेगा

गौरतलब है कि शेड्यूल बैंक आरबीआई द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करते हैं। ये आरबीआई से बैंक दर पर लोन प्राप्त कर सकते हैं और खुद ही क्लियरिंग हाउस सदस्यस्ता प्राप्त कर लेते है। इसके अलावा शेड्यूल बैंकों को रिजर्व बैंक से दिन प्रति-दिन की बैंकिंग गतिविधियों के लिए पैसे उधार लेने की अनुमति है।