अभिनेत्री जेनिफर केंडल एक ऐसी अभिनेत्री हैं जो विदेश धरती पर पैदा हुई पर उनका दिल बॉलीवुड के सबसे बड़े रोमांटिक हीरो शशि कपूर से लग गया। दोनों की कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे बेमिसाल लव स्टोरी मानी जाती है। ब्रिटेन के साउथपोर्ट में जन्मीं जेनिफर को पृथ्वी थिएटर का संस्थापक कहा जाता है। जेनिफर को 1981 में आई फिल्म '36 चौरंगी लेन' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के बाफ्टा अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था। 
शशि कपूर कोलकाता के एक थियेटर में अपना एक प्ले देख रहे थे। वहीं शशि कपूर की मुलाकात जेनिफर केंडल से हुई। शशि कपूर ने देखा कि एक लड़की कई दिनों से लगातार आ रही है और आगे वाली लाइन में बैठकर रोज उनका प्ले देखती है। तब शशि कपूर को पता चला कि जेनिफर केंडल उसी शेक्सपीयाराना इंटरनेशनल के मालिक की बेटी हैं जिसे शशि कपूर के प्ले के चक्कर में लंबा इंतजार करना पड़ रहा था।
इस लड़की देखते ही शशि कपूर के दिल में अजीब सी हलचल हुई। उसमें ना जाने कैसा जादू था कि शशि कपूर उसके दीवाने हो गए और शादी का फैसला कर बैठे।
जेनिफर की छोटी बहन और ब्रिटिश रंगमंच की जानी मानी अदाकारा फैलिसिटी केंडल ने अपनी पुस्तक 'व्हाइट कार्गो' में लिखा है, "जेनिफर अपने दोस्त वैंडी के साथ नाटक 'दीवार' देखने रॉयल ओपेरा हाउस गई थी। नाटक शुरू होने से पहले उन्होंने दर्शकों का अंदाजा लगाने के लिए पर्दे से झांका और उनकी नजर चौथी कतार में बैठी एक लड़की पर गई। काली लिबास और सफेद पोल्का डॉट्स पहने वो लड़की खूबसूरत थी और अपनी सहेली के साथ हंस रह थी। शशि के मुताबिक वे उसे देखते ही दिलो-जान से उस पर फिदा हो गए थे। लेकिन तब पृथ्वी थिएटर में काम करने वाले शशि कपूर की कोई बड़ी पहचान नहीं थी, उनकी उम्र महज 18 साल थी। दूसरी तरफ जेनिफ़र अपने पिता जेफ़्री कैंडल के थिएटर समूह की लीड अभिनेत्री थीं।
दोनो की पहली मुलाकात कुछ खास नहीं रही लेकिन वो मुलाकात शशि कपूर के लिए किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं थी और फिर धीरे-धीरे दोनों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। 
इसके बाद शशि कपूर और जेनिफर ने शादी कर ली। शशि कपूर और जेनिफर थियेटर बैकग्राउंड से ही थे इसलिए दोनों ने थियेटर खोलने की सोची और पृथ्वी थियेटर की नींव रखी। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पृथ्वी थियेटर की स्थापना के कुछ वक्त बाद ही जेनिफर केंडल शशि कपूर को हमेशा के लिए अकेला छोड़ गईं। जेनिफर को कैंसर था जिसका पता उन्हें 1982 में चला और उसके दो साल बाद ही उनकी मौत हो गई। तब उसे दुखी शशि कपूर ने खुद को सभी से अलग कर लिया था।