पैरालंपिक विजेता मनीष नरवाल छोटे भाई-बहन शिवा और शिखा ने जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते और अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल की मिश्रित स्पर्धा का खिताब जीता। हरियाणा के शिवा-शिखा ने फाइनल में महाराष्ट्र के तेजस धेरे और वरदेही को 16-2 से पराजित किया।

पिता दिलबाग सिंह को पांच साल पहले अपने बड़े बेटे पैरालंपिक विजेता मनीष नरवाल को शूटिंग शुरू कराने के लिए अपना मकान तक बेचना पड़ा था। मकान बेचकर मिली राशि से उन्होंने मनीष को पिस्टल दिलाई थी।शूटर मनीष नरवाल के छोटे भाई-बहन शिवा शिखा ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता मिश्रित वर्ग का खिताब

यही मनीष जब 2018 में जकार्ता पैरा एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतकर घर लौटे तो उनके छोटे भाई-बहन शिवा और शिखा ने भी पिस्टल पकड़ ली। अब मनीष जब टोक्यो पैरालंपिक का स्वर्ण जीतकर लौटे हैं तो शिवा और शिखा भी रंग दिखाने लगे हैं।

पहले दोनों ने जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते और अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल की मिश्रित स्पर्धा का खिताब जीता। हरियाणा के शिवा-शिखा ने फाइनल में महाराष्ट्र के तेजस धेरे और वरदेही को 16-2 से पराजित किया।

मनीष की तरह शिवा और शिखा एक इवेंट तक सीमित नहीं हैं। स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा शिखा ने तो इस साल लीमा (पेरु) में हुई जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 50 मीटर का व्यक्तिगत, 10 मीटर का टीम और मिक्स का रजत जीता, जबकि 11वीं के छात्र शिवा ने 10 मीटर में टीम का स्वर्ण पदक जीता।

पिता दिलबाग खुलासा करते हैं कि शिखा और शिवा ने बड़े भाई मनीष को देखकर शूटिंग करना शुरू किया। वैसे तो दोनों कोच राकेश सिंह के संरक्षण में कोचिंग ले रहे हैं, लेकिन मनीष भी दोनों को ट्रेनिंग देना नहीं छोड़ते हैं। दिलबाग कहते हैं कि उनका पहला लक्ष्य तीनों भाई-बहनों को एक साथ अगले वर्ष होने वाले एशियाई खेलों में उतारने का है। अगर ऐसा हुआ तो यह कमाल होगा।