आयोग ने स्वास्थ्य सचिव एवं सीएमएचओ रीवा से चार सप्ताह में मांगा जवाब

रीवा  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने रीवा जिले के सिरमौर के सिविल अस्पताल में जीवनरक्षक दवाओं की अनुपलब्धता संबंधी खबर पर संज्ञान लिया है। यहां डाक्टर्स दो घंटे से ज्यादा ओपीडी में नहीं बैठते। निःशुल्क दवा के आदेश के विपरीत मरीज के परिजनों को मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदना पड़ता है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सचिव, म.प्र. शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मंत्रालय, भोपाल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  अधिकारी, रीवा से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।