छिंदवाड़ा में अंधविश्वास:नागपंचमी से सपने में आ रहे थे नागदेवता, इसलिए शादी करने के लिए अड़ गई लड़की, बोली- नाग से शादी नहीं हुई तो जान दे दूंगी

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृहजिले छिंदवाड़ा में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां एक युवती ने नागदेवता से विवाह रचाया है।

नागदेवता से शादी की सूचना पुलिस को मिली तो मौके पर पहुंचकर पुलिस ने लोगों को समझाइया दी

छिंदवाड़ा में आस्था और अंधविश्वास का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर कोरोना काल में एक अनोखी शादी हुई है। जहां पर एक युवती को नागपंचमी से सपने में नागदेवता आ रहे थे, जिसके बाद युवती ने नागदेवता से विवाह करने की जिद पकड़ ली। माता-पिता को उसकी जिद के सामने झुकना पड़ा और बुधवार को तमाम लोगों के सामने युवती ने गांव में नाग पूजन स्थल पर विवाह रचाया।

इस मौके पर आए लोगों को सामूहिक भोज भी कराया गया है। हालांकि बाद में इसकी सूचना पुलिस को लगी तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश देकर वहां से लौटा दिया। हालांकि इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं और यहां पर किसी के चेहरे पर मास्क भी नहीं देखा गया।

छिंदवाड़ा में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया, जहां पर एक युवती ने नागदेवता से शादी रचाई है। इस दौरान उसका परिवार मौजूद रहा।

मामला छिंदवाड़ा जिले के परासिया विधानसभा क्षेत्र आदिवासी अंचल की धमनिया पंचायत का है। जहां पर कोरोना काल केके दौरान एक अनूठी शादी को देखने मिली है। धमनिया पंचायत के सित्ताढाना निवासी इंदर के 2 बेटे और 2 बेटियां हैं। जिसमे 18 वर्षीय मंझली बेटी गीता आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुकी है। गीता को नागपंचमी से सपने में घर और खेत नागराज दिखाई देते थे। जिसके बाद गीता द्वारा अपने परिजनों से नाग देवता से शादी करने की बात कहने लगी। शादी नहीं होने पर जान देने की धमकी देने लगी।


बेटी की जिद के आगे माता-पिता को विवश होकर उसकी बात माननी पड़ी। दुल्हन बनकर आई गीता ने घर के पास बने नाग पूजन स्थल पर लोहे से बने स्थापित नागदेवता के साथ रीति रिवाजों के साथ शादी करवाई गई। इस अनोखी शादी में गांव के सैकड़ों लोग भी शामिल हुए। इस दौरान सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया। पुलिस-प्रशासन को खबर लगी तो मौके पर पहुंची और लोगो को समझाइश देकर वापस लौटा दिया गया।

अचेतन मन के हावी होने पर ऐसा होता है: डॉ. साहू

मनोचिकित्सक डॉ. आरएन साहू ने बताया कि ऐसा होना एक प्रकार का ट्रांसस्टेट है। जब हमारा अचेतन मन (अनकॉन्सस माइंड) चेतन मन (कॉन्सस माइंड) पर हावी हो जाता है तो फिर इंसान ऐसी गतिविधियां करता है। असल में इस दौरान ब्रेन का डिफेंस मैकेनिज्म कमजोर हो जाता है, जिससे हम अचेतनता की बातों को सही मानने लगते हैं। छिंदवाड़ा की घटना में भी उस लड़की के साथ ऐसा ही हुआ होगा।