दुर्ग। दुर्ग जैन समाज पुण्य कार्य में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। यहां के एक 69 साल के बुजुर्ग के साथ उनका 15 साल का पोता भी वैराग्य मार्ग अपनाने जा रहा है। इसके अलावा दुर्ग की ही 29 वर्षीय युवती भी सन्यासी बनने जा रही है। समाज ने इन तीनों मुमुक्षुओं की आज शोभायात्रा निकाली और उनका अभिनंदन किया।

दुर्ग के बांधा तालाब निवासी 69 वर्षीय सुमेरमल ढेलड़िया और उनका 15 साल का पोता चरित्राय जैन साधु बनने जा रहे हैं। इन दोनों दादा व पोते की आध्यात्म की ओर गहरी रुचि रही है। दादा सुमेरमल के साथ-साथ उनका पोता चरित्राय ने भी यह राह पकड़ने की ठान ली। दुर्ग के स्वाध्याय भवन में साधु-साध्वियों का सालों से सानिध्य पाने सुमेरमल यहां जाते रहे। साथ में वे अपने पोते को भी ले जाते। इस तरह साधु-संतों की वाणी और प्रेरणा से वैराग्य की ओर कदम बढ़ गए।
परिवार का अकेला चिराग है चरित्राय

ढेलड़िया परिवार का चरित्राय इकलौता पुत्र है। इस परिवार में सुमेरमल उनके पुत्र नितीश और बहू मणिप्रभा है। पुत्र नितीश व मणिप्रभा के एक पुत्र चरित्राय और एक पुत्री है। चरित्राय ने श्रीशंकरा विद्यालय सेक्टर-10 में इस साल कक्षा नवमीं की परीक्षा दी है। यह परिवार साड़ी का कारोबार चलाते हैं। इस कारोबार को सुमेरमल ने ही शुरू किया था।
मुमुक्षुओं की निकली शोभायात्रा

दुर्ग जैन समाज के समरथ नवयुवक मंडल, समरथ संघ, समरथ महिला मंडल और समरथ बालिका मंडल के तत्वावधान में तीनों मुमुक्षुओं की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा स्वाध्याय भवन से गांधी चौक, होटल मान, चंडी चौक, होते हुए वर्धमान भवन में समाप्त हुई। यहां से लोग ऋषभदेव परिसर पहुंचे।
परिसर में जैन समाज ने उनका अभिनंदन किया। तीनों ने अपने अनुभव भी सुनाए और कहा कि जैन साधु संतों की वाणी सुनकर और उनसे मिलकर मन के भीतर वैराग्य जागृत हुआ। अब वे अपना बचा जीवन साधु बनकर मानव जीवन के उत्थान के लिए साधु-संतों के सानिध्य में कार्य करेंगे। उसके बाद गौतम प्रसादी ग्रहण किया। इस मौके पर पूरे छत्तीसगढ़ से जैन समाज के लोग पहुंचे थे।

10 मई को महाराष्ट्र में लेंगे दीक्षा
दुर्ग के इन तीनों मुमुक्षुओं को मालेगांव महाराष्ट्र में 10 मई को दीक्षा दी जाएगी। यहां आचार्य उत्तम मुनि द्वारा दीक्षा ग्रहण करवाया जाएगा।